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Showing posts from August, 2014

Dil

दिल अपना है , फिर भी परया। रहता अपने अंदर है, पर रखता किसी और को है। ये धड़कता किसी और के लिए है , और दर्द हमे देता है। ऐ दिल तू कितना बेवफा है। ज़िन्दगी तू हमसे लेता है और आँसू हमर्रे लिए छोड़ जाता है।